Tue. Apr 23rd, 2024

 बीपीसीएल शेयर दूसरी  तिमाही के नतीजे। क्या चुनौतियां हैं कंपनी के सामने आने वाले समय में? 

दोस्तों आज के आर्टिकल में हम एक बार फिर से बीपीसीएल यानी कि भारत पेट्रोलियम लिमिटेड के बारे में चर्चा करेंगे हालांकि इस शेयर में ऐसा बहुत कुछ बड़ा होने की संभावना नहीं है फिर भी आने वाले समय पर जो भी इवेंट होंगे या फिर वर्तमान समय में विश्व भर में जो भी राजनीतिक स्थिति  चल रही है उसका इसSHARE के परफॉर्मेंस पर जरूर असर पड़ता है इसलिए इस शेर की चर्चा करना बहुत जरूरी हो जाता है ।

कंपनी के बारे में बहुत ज्यादा बताने की आवश्यकता नहीं है हम सभी जानते हैं कि यह भारत की दूसरे नंबर की ऑयल ऐंड गैस विक्रेता कंपनी है ।इसके अलावा हम सभी लोग गाड़ियों में फ्यूल भरवाते समय इस कंपनी के पेट्रोल पंप के पास ही जाते हैं ।

 हम कई फैक्टर से के आधार पर इस शेयर  पर चर्चा करते हैं 

Quarter 2 के रिजल्ट 

कंपनी के रिजल्ट चेक करते समय किन सवालों के उत्तर पता होनी चाहिए

अक्टूबर का महीना समाप्त होने को है और 27 अक्टूबर को इस कंपनी ने अपने  Q2 के रिजल्ट भी घोषित कर दिए गए हैं।

PARTICULER SEP.2023 SEP.2022
SALES 103044.37 114820.44
NET PROFIT 8243.55 -338.4

ECONOMIC  टाइम्स की वेबसाइट के अनुसार जुलाई सितंबर क्वार्टर में बीपीसीएल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 8243 .55 करोड रुपए था जबकि पिछले 1 साल पहले पिछले साल के इसी क्वार्टर में इसे 338.49 करोड़ का नुकसान हुआ था।परंतु कंपनी के सेल्स में गिरावट आई है सितंबर 2022 में कंपनी की सेल्स 1148 20.44  करोड़ थी जबकि सितंबर 2023 में यह गिरकर 103044.37 करोड़ हो गई  इस प्रकार हम कह सकते हैं कि पिछले 1 साल में यह कंपनी घाटे से मुनाफे में आ गईऐसा इसलिए हुआ की कंपनी के मार्केटिंग मार्जिन में मुनाफा हुआ इसके अलावा पिछले कई समय से क्रूड ऑयल  दामों में गिरावट पाई गई  है ।चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में डाउनस्ट्रीम ऑयल रिफायनिंग और मार्केटिंग कारोबार में फ्री टैक्स अर्निंग 11283 .29करोड रुपए रही जबकि पिछले साल की इसी अवधि में 123.5 करोड रुपए का घाटा हुआ था पिछले साल यूक्रेन और रूस के आक्रमण के बाद क्रूड ऑयल के दामों में बहुत ज्यादा तेजी हो गई थी इसके बावजूद तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम कर दी इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को लाभ प्रदान करना था जिसकी वजह से इन कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में बहुत ज्यादा असर पड़ गया 

कंपनी ने कहा है कि मूल्यों को स्थिर करने के चक्कर में उसे अप्रैल सितंबर 2022 में 6486.43 करोड रुपए का घाटा हुआ जबकि इसी साल अप्रैल सितंबर में 2023 में उसे 18887.85 करोड़ क्या फायदा हुआ 

2023 -24 q2 में एबिटा 13679.21 करोड रुपए था जबकि 2022-23 में यह 1991.41 करोड रुपए था ।

कंपनी की विस्तार योजना में प्रगति 

वर्तमान समय के पहली छमाही में कंपनी ने 300 नए फ्यूल स्टेशन बनाई जिसे इसके कुल फ्यूल स्टेशनों की संख्या बढ़कर 21331 हो गई है इसमें कंपनी ने टोटल अपने 11 अपने स्वामित्व वाले स्टेशन बनाए और  उनकी संख्या बढ़कर 338 हो गई इसके अलावा कंपनी ने पहली छमाही में 44 सीएनजी स्टेशन बनाएं जिसके कारण कंपनी के पास 1644 सीएनजी स्टेशन हो गए हैं ।

बीपीसीएल शेयर :बुल आइडिया :

अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बीपीसीएल का SHARE 334 के आसपास ट्रेड कर रहा है । वर्तमान समय में क्रूड ऑयल के दाम 90 डॉलर के आसपास चल रहे हैं शायद यह उनका एक उच्चतम लेवल हो इसके अलावा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शेयर मार्केट में लगातार गिरावट का दौड़ जा ही रहा इसका कारण अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में इजाफा और इजरायल हमास युद्ध भी रहा ।इसलिए बाकी स्टॉक्स  की तरह बीपीसीएल के स्टॉक का प्राइस वैल्यू भी खरीदने लायक स्थिति में पहुंच चुका है मई  से जुलाई तक यह stock 366 से 380 रुपए के बीच में ट्रेड कर रहा था तब भारत के कई ब्रोकर इसे 400 से 425 रुपए तक का टारगेट दे रहे थे और उनके टारगेट अचीव नहीं हो पाए इस प्रकार वर्तमान समय में शेयर काफी ज्यादा अंडर वैल्यूड  है और निवेश करने की स्थिति में आ चुका है यदि यहां से stock  के भाव और ज्यादा नीचे जाते हैं तो मान लिया जाए ₹300 तक किसी वजह से आ जाते हैं तो वह लेवल एवरेज करने के लिए बहुत बढ़िया रहेंगे ।

बीपीसीएल शेयर: बेयरिश  आईडिया –

क्या-क्या चुनौतियां हैं ?

1-यदि हम इस stock को इस लेवल पर खरीदने या बहुत अधिक नीचे जाने पर एवरेज करने की सलाह देते हैं तो यह बात पोजीशनल इन्वेस्टर या फिर ट्रेड के लिए लागू नहीं होती है क्योंकि इस शेयर  के लिए बहुत अधिक धैर्य की आवश्यकता होगी इसलिए इस लेवल पर इस शेर को लॉन्ग टर्म के निवेशकों को ही खरीदना चाहिए ।

2-रूस और यूक्रेन का युद्ध अभी घोषित तौर पर समाप्त नहीं हुआ है और यहां पर इजरायल तथा हमास का युद्ध भी देखने को मिल रहा है जिसके कारण तत्काल रूप से क्रूड ऑयल के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं और हम जानते हैं कि क्रूड ऑयल के दाम इस कंपनी के मार्जिन को काफी प्रभावित करते हैं

3-भारत और चुनावी वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है उससे पहले पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं यदि ऐसा नहीं होता तो क्रूड ऑयल के दाम में बढ़ने पर सरकार पेट्रोल तथा डीजल के दाम भी बढ़ा सकती थी परंतु यदि क्रूड ऑयल के दाम बढ़ते हैं तो सरकार के सामने पेट्रोल डीजल के दामों को स्थिर रखने की एक चुनौती होगी क्योंकि सत्ताधारी  दल को चुनाव का लाभ भी लेना है इस वजह से इस कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में जरूर असर पड़ेगा यदि क्रूड ऑयल के दाम किसी तरह से नीचे आ जाते हैं तो यह देश तथा कंपनी के भाग्य के लिए बहुत अच्छा होगा । 

क्या कंपनी का विनिवेश होगा ?

कंपनी के विनिवेश की खबरों के चलते यह कंपनी का stock एक बार ₹500 से ऊपर जा चुका है परंतु उसके बाद विनिवेश की खबरें मार्केट से गायब होती चली गई यह एकमात्र फैक्टर है जो कंपनी के शेयर  को काफी आगे तक ले जा सकता है परंतु अब स्पष्ट हो चुका है कि इस कंपनी का विनिवेश नहीं होगा क्योंकि पेट्रोलियम मंत्रालय का चुका है कि कंपनी में किसी तरह की कमी नहीं है तो इसके विनिवेश करने की क्या जरूरत है ।

लंबे समय से शेयर  की चाल को देखते समय ऐसा लगता है कि यह शेर एक रेंज(330-380) में ट्रेड करने वाला शेयर  बन चुका है 


हमें एक बार इस SHARE का SWOT एनालिसिस भी कर लेना चाहिए

डिस्क्लेमर –

हम उम्मीद करते हैं कि हमारा या आर्टिकल बीपीसीएल में आपके खरीदारी करने या नहीं करने के निर्णय को प्रभावित नहीं करेगा इस शेयर में निवेश करने या नहीं करने का निर्णय पूरी तरह से किसी भी निवेशक का खुद का रहेगा हमारा उद्देश्य इस शेयर  के आगे बढ़ने या नहीं बढ़ने के लिए जिम्मेदार फैक्टर का अध्ययन करना था ताकि इस SHARE में निवेश करने या नहीं करने का निर्णय लेने में आसानी हो सके 

By admin

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