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 म्यूच्यूअल फंड्स के फायदे। गलतियों से बचे तभी होगा फायदा 

नए इन्वेस्टर्स ,म्यूच्यूअल फंड्स मै इन्वेस्ट करते समय नए निवेशक कई तरह की गलतिया कर देते है।  जिसकी वजह से उन्हें कई तरह के नुकसान हो जाते है। 

 बैंक के पास जाकर इन्वेस्ट करना। 

 लोगो को लगता है , उनका  सेविंग अकाउंट ,RD ,FD  तथा PPF अकाउंट बैंक मै है,इसलिए वो म्यूच्यूअल फंड्स को भी बैंक के थ्रू इन्वेस्ट करना चाहते ,परन्तु बैंक के द्वारा इन्वेस्ट करने मै ,कई तरह के नुकसान हो सकते है। 

बैंक रेगुलर प्लान को ही इन्वेस्ट करने के लिए ही बोलते है, डायरेक्ट प्लान को इन्वेस्ट करने के लिए नहीं बोलते ताकि उनका कमीशन बन सके।  रेगुलर प्लान के एक्सपेंसिव रेश्यो काफी ज्यादा होता है। 

कभी कभी बैंक उन फंड्स को परचेस करने के लिए कहते है ,जिन्हे सेल करने का प्रेशर उन पर काफी ज्यादा रहता है , इस चक्कर मै वो कस्टमर का फायदा नहीं देखते है , और कोई ख़राब फण्ड कस्टमर को बेच देते है। 

गलत म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव् –

 जानकारी नहीं होने की वजह से गलत तरह के फण्ड का चुनाव कर लेते है। कई तरह के फंड्स के होने के कारन INVESTOR का COMFUSION होना स्वाभाविक है। कस्टमर को इक्विटी फण्ड ,डेब्ट फंड्स तथा हाइब्रिड फंड्स की जानकारी होनी आवश्यक है। 

सरा पैसा एक बार मै ही इन्वेस्ट करना – 

कई लोग यह समझते है की म्यूच्यूअल फण्ड मै इन्वेस्ट करके वो करोरेपति ही बन जायेंगे।  इसलिए वो सारा पैसा इन्वेस्ट कर देते है।  इसके लिए उन्हें सबसे पहले अपनी जरुरत का पैसा अलग से रख लेना चाहिए , बाकि बचे हुवे पैसे को इन्वेस्ट करना चाहिए। 

सारा अमाउंट एक म्यूच्यूअल फण्ड मै निवेश करना –

 सारा पैसा एक ही म्यूच्यूअल फण्ड मै इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए।  म्यूच्यूअल फण्ड इस तरह से परचेस करने चाहिए की ,हमारा पैसा ब्लू चिप कंपनी, लार्ज कैप कंपनी,स्माल कैप कंपनी सब जगह इन्वेस्ट हो सके। ताकि हमारा पोर्टफोलिओ डाइवर्सिफाइड हो सके। 

सिप करे या लुम्प्सम –

 लुम्प्सम इन्वेस्टमेंट का अर्थ यह है की आप किसी  म्यूच्यूअल फण्ड मै सारा पैसा एक साथ इन्वेस्ट कर दे। सिप  (SIP ) का अर्थ है सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान  यानि की अपना पैसा किस्तों मै इन्वेस्ट कर रहे है। यदि आप अपना अपना पैसा एक साथ इन्वेस्ट कर देते है तो ,आपके इन्वेस्ट करने के बाद मार्किट काफी गिर जाता है तो आपके पैसे की वैल्यू काफी गिर जाएगी जिसे रिकवर होने मै काफी समय लग सकता है। परन्तु यदिआप सिप की तरह आप इन्वेस्ट करते है तो आप अच्छा बाइंग एवरेज मेन्टेन कर पाते है। 

पास्ट परफॉर्मन्स फ्यूचर परफॉरमेंस की गारंटी नहीं होते है –

 नॉर्मली लोग यह सोचकर इन्वेस्ट करते है की जिस म्यूच्यूअल फण्ड ने पास्ट मै अच्छा RETURN  है वह फ्यूचर मै भी अच्छा RETURN देगा परन्तु ऐसा नहीं भी हो सकता ह।  इसलिए इस पॉइंट को सोचकर भी इन्वेस्ट करना चाहिए। 

टैक्स की जानकारी नहीं होना –

 म्यूच्यूअल फण्ड मै दो तरह के टैक्स लगते है, यदि आप म्यूच्यूअल फण्ड को एक साल से पहले रिडीम करते है तो आपको शार्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा ,यदि आप एक साल के बाद रिडीम करते है तो आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स शार्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स से काम होता ह। 

धैर्य रखना तथा लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्ट करना –

 कई बार हम देखते है शार्ट टाइम मै हमारे फण्ड नेगेटिव RETURN दे रहे है ,तो हम इससे एग्जिट हो जाते है , हमें अपने इन्वेस्टमेंट को लम्बे समय तक होल्ड करना चाहिए। हमें 15 से २० साल तक इनवेस्टेड  रहना चाहिए। 

 

By admin

One thought on “म्यूचल फंड में अच्छा रिटर्न पाने के लिए किन किन गलतियों से बचना चाहिए ?”

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