Sun. Jul 14th, 2024

 दोस्तों हम आज के इस आर्टिकल में कर्नाटक के चुनाव की समीक्षा करेंगे| जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कर्नाटक विधानसभा 2023 के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं| इन चुनाव के नतीजे में कांग्रेस पार्टी ने 136 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त कर लिया है और वह सरकार बनाने जा रही है |आज के इस आर्टिकल में हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि आखिर इन चुनाव का लोकसभा के चुनाव में खासतौर पर कर्नाटका के लोकसभा की सीटों पर क्या असर पड़ेगा सबसे पहले हम इस बात पर चर्चा करते हैं कि कांग्रेस पार्टी किन वजह से कर्नाटक का चुनाव जीत पाई |


40 फीसद कमीशन सरकार:

कर्नाटक कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ जोर-जोर से भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया |कांग्रेश पार्टी ने कहा कि कर्नाटक की बीजेपी की सरकार forty परसेंट के कमीशन वाली सरकार है |उन्होंने वहां के अखबारों में भ्रष्टाचार कीरेट लिस्ट भी जारी कर दी जिस वजह से भ्रष्टाचार कर्नाटक की विधानसभा के चुनाव का मुख्य मुद्दा बन गया|

5 गारंटी

कर्नाटक में कांग्रेस ने 5 गारंटी की घोषणा की और पूरे चुनाव में अपने कैंपेन में आम लोगों को इन गारंटी के बारे में बताया| पार्टी ने दावा किया कि गृह ज्योति योजना के तहत सरकार बनने पर हर परिवार को 200 यूनिट तक फ्री बिजली देगी |गृह लक्ष्मी योजना के तहत हर परिवार चलाने वाली महिला को ₹2000 प्रतिमा देगी |कांग्रेस ने दावा किया कि सरकारमें आते ही सभी महिलाओं के लिए फ्री बस सर्विस होगी |युवाओं को फोकस करते हुए पार्टी ने वादा किया कि वह ग्रेजुएट युवाओं को ₹3000 प्रतिमाह देगी |वही डिप्लोमा होल्डर्स को ₹1500 प्रतिमाह देगी |कांग्रेस ने योजना के तहत बीपीएल परिवारों को हर महीने 10 किलो प्रति व्यक्ति चावल देगी |पार्टी के लिए इन वादों की घोषणा को वोट में बदलना आसान हो गया

पार्टी में एकजुटता दिखाना

कांग्रेस पार्टी ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान यह कोशिश की कि उसे पार्टी के सभी GROUPS में एकजुटता दिखाई दे

एग्रेसिव चुनाव प्रचार

कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार काफी एग्रेसिव रखा उसने सभी को मुद्दों को वह से लेकर राजधानी तक और सोशल मीडिया तक में अपने मुद्दों को लेकर अधिक गंभीर नजर आई| इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी की रैलियों में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने खुद भाग लिया और कई तरह के रोड शो भी किए स्थानीय मुद्दों को उठाना कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय मुद्दों को उठाया और अपनी लोकल लीडरशिप को चुनाव प्रचार के लिए USE किया जबकि भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी के सहारे ही इन चुनावों में बैठे रहे|

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को अपनाना

कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के बागी नेताओं को अपनी पार्टी की तरफ आकर्षित करने में कोई कोताही नहीं बरती उसने अधिक से अधिक संख्या में भारतीय जनता पार्टी के बागी नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया

मुस्लिम वोटर्स का ध्रुवीकरण

कांग्रेस पार्टी ने बजरंग दल पर बैन लगाने की बात अपने चुनावी घोषणा पत्र में जिसकी वजह सेवह मुस्लिम वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित कर पाई |इस प्रकार राज्य में जेडीएस के वोट कांग्रेस की तरफ झुकने लगे इस वजह से भी वह काफी ज्यादा मात्रा में वोटों की संख्या को बढ़ा को सीटों में शामिल कर पाई

इन चुनाव में 2024 ELECTION के कर्नाटक के लोकसभा की सीटों पर क्या असर पड़ेगा ?
कांग्रेस पार्टी का मानना है कि 2024 के चुनाव में कर्नाटका से उसे अच्छी खासी संख्या में SEATS मिल जाएंगे लेकिन 2019 के चुनावों से पहले राजस्थान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार की जीत हुई थी राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी इन वोट को लोकसभा की सीटों में नहीं बदल पाई| इसलिए कर्नाटक के चुनाव में भी यह कहना पड़ा मुश्किल है कि आज कांग्रेस पार्टी बेशक विधानसभा में पूर्ण बहुमत की सरकार बना रही हो लेकिन यह सारी विधानसभा की सीटें लोकसभा की सीटों में बदल पाएगी या कहना बड़ा मुश्किल है इसके कई कारण हैं

केंद्रीय चुनाव और राज्य विधानसभा चुनाव के मुद्दे अलग-अलग होते हैं
इसलिए यह कह देना कि विधानसभा की सीटों में जीत की का को कांग्रेस पार्टी कांग्रेस पार्टी 2024 के चुनाव में लोकसभा की सीटों की जीत में बदल जाएगी या कहना बड़ा मुश्किल है|कांग्रेस ने राज्य विधानसभा का चुनाव लोकल मुद्दों पर लड़ा इसलिए वह यहां पर जीतने में कामयाब रहे| लोगों को पता था कि नरेंद्र मोदी ही चुनाव प्रचार कर रहे हो लेकिन मुख्यमंत्री तो कर्नाटक की लोकल लीडरशिप से ही तय होगा की जनता ने नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार को कोई अहमियत नहीं दी |

राहुल बनाम मोदी 2024 का चुनाव एक तरह से राहुल बनाम मोदी होगा ऐसी स्थिति में जनता चौक वोट करने जाएगी तो वह नरेंद्र मोदी को काफी बेहतर स्थिति में पाएगी और उनके सामने वो राहुल गांधी को काफी कम महत्व देगी

स्थायित्व का मुद्दा
भारतीय जनता पार्टी अपने बलबूते पूरे हिंदुस्तान से सीटें जीतकर सरकार बनाने की क्षमता रख सकती है परंतु कांग्रेस पार्टी एक कर बंधन वाली सरकार बनाएगी यदि दोनों पार्टियों की तुलना की जाए तो इस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ज्यादा स्थिर सरकार देने में सक्षम है यह भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जाती है जिस वजह से वह कर्नाटक में भी इसका असर दिखाई देगा और लोकसभा की सीटों पर भारतीय जनता पार्टी बेहतर स्थिति से जीतने की पोजीशन में होगी

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि राज्य विधानसभा के चुनाव का कर्नाटक के लोकसभा के चुनाव में 2024 के इलेक्शन में कोई असर नहीं पड़ेगा

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